हम सबके घरों में कुछ ऐसे कपड़े जरूर पड़े होते हैं जिन्हें सालों से हाथ तक नहीं लगाया, फिर भी वे अलमारी में जगह घेरते रहते हैं। हैरानी की बात यह है कि ये पुराने कपड़े सिर्फ स्पेस ही खराब नहीं करते बल्कि आपके घर और जीवन की पॉज़िटिव एनर्जी को भी कमजोर बना सकते हैं। वास्तु शास्त्र, फेंग शुई और मनोविज्ञान, तीनों ही मानते हैं कि अनुपयोगी कपड़ों का ढेर घर में नकारात्मकता फैलाता है। इसका असर आपकी प्रगति, मानसिक शांति और सोचने-समझने की क्षमता तक पर पड़ सकता है।
क्यों छोड़ना मुश्किल होता है पुराने कपड़े?
ज्यादातर लोग पुराने कपड़े इसलिए संभालकर रखते हैं क्योंकि उनसे कोई भावनात्मक जुड़ाव होता है। कभी ये कपड़े अच्छी-बुरी यादें ताज़ा कराते हैं, तो कभी पुराने रिश्तों की कड़वाहट जगाते हैं। मनोविज्ञान के मुताबिक, बेकार चीजें जमा करना दिमाग पर बोझ डालता है। अव्यवस्थित माहौल तनाव, चिंता और डिप्रेशन का कारण बन सकता है। यानी अलमारी में दबे पुराने कपड़े भी आपकी मानसिक शांति छीन सकते हैं।
वास्तु और फेंग शुई क्या कहते हैं?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की हर वस्तु अपनी ऊर्जा छोड़ती है। फटे, मैले या अनुपयोगी कपड़े नकारात्मक ऊर्जा पैदा करते हैं, जिससे घर का माहौल भारी और तनावपूर्ण हो जाता है। वहीं, फेंग शुई का कहना है कि बेकार सामान “स्थिर ऊर्जा” (Stagnant Energy) पैदा करता है, जो जीवन में रुकावट और ठहराव लाता है।
यहां पुराने कपड़े रखने से नेगेटिविटी बढ़ती है। नींद खराब होती है और रिश्तों पर असर पड़ता है। इससे आध्यात्मिक ऊर्जा कमजोर हो सकती है।
सेहत पर भी पड़ता है असर
पुराने कपड़े धूल, फफूंद और बैक्टीरिया का घर बन जाते हैं। इससे एलर्जी, स्किन इंफेक्शन और सांस की बीमारियां हो सकती हैं। खासकर अगर कपड़े नमी वाली जगह पर रखे हों, तो उनमें बदबू और कीटाणु तेजी से फैलते हैं।
इन कपड़ों का क्या करें?
अगर कपड़े अच्छी हालत में हैं तो जरूरतमंदों को दें। इससे पॉज़िटिव एनर्जी बढ़ेगी और पुण्य भी मिलेगा। इन्हें मैट, कुशन कवर, बैग या पॉट होल्डर में बदल सकते हैं। हर 3–6 महीने में अलमारी साफ करें और बेकार कपड़े निकाल दें। अगर कुछ कपड़े बचाने ही हों तो उन्हें दक्षिण या पश्चिम दिशा में रखें, उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में नहीं।
पुराने कपड़े सिर्फ अलमारी में जगह ही नहीं घेरते, बल्कि घर और दिमाग की ऊर्जा पर भी बुरा असर डालते हैं। इसलिए इन्हें संभालकर रखने के बजाय दान करें या रीसाइकिल करें। साफ-सुथरा और व्यवस्थित घर ही सुख, शांति और समृद्धि का असली रास्ता है।